भारतीय लेखा मानक (Indian Accounting Standards - Ind AS)
भारतीय लेखा मानक (Indian Accounting Standards - Ind AS) भारत में वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए मानक हैं। यह भारतीय लेखाकार एवं लेखा नियमन बोर्ड (Indian Accounting Standards Board - IASB) द्वारा operate किए जाते हैं। भारतीय लेखा मानकों का उद्देश्य, वित्तीय विवरणों (Financial Statements) को प्रासंगिकता (Relevance), सत्यता (Correctness), तुल्यता (Comparability) और स्थिरता (Consistency) के मानकों के आधार पर तैयार करना है।
भारतीय लेखा मानकों का लागू होने से पहले, भारतीय कंपनियां भारतीय लेखा मानकों (Indian GAAP) का पालन करती थीं। इसके बाद से, 2016 वर्ष में भारत सरकार (Indian Government) ने भारतीय लेखा मानकों के अनुसार वित्तीय रिपोर्टिंग (Financial Reporting) का आदेश जारी किया है।
भारतीय लेखा मानकों का लागू होने से पहले, कुछ विशेष कंपनियां अपने वित्तीय विवरणों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (IFRS) के अनुसार तैयार करती थीं। इससे भारतीय लेखा मानकों को IFRS के साथ Link up किया जाता है।
भारतीय लेखा मानकों (Ind AS) का पालन करने वाली कंपनियों को अपने वित्तीय विवरणों को Ind AS के मानकों के अनुसार तैयार करना चाहिए। Ind AS के तहत कुछ महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं जैसे नकदी (Cash), प्रतिवेदन (Reportability), संपत्ति (Assets), उद्यमिता (Entrepreneurship), नकदी प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement), प्राथमिकता (Priority), और संचालन प्रणाली (Operating Procedures) आदि।
Ind AS भारतीय वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए मानक हैं और भारतीय कंपनियों को अपने वित्तीय विवरणों को तैयार करने के लिए इनका पालन करना आवश्यक है।
