लेखांकन समीकरण का अर्थ
जैसा की हम सब जानते है Accountancy में Capital और Liabilities दोनों का जोड़ Assets के बराबर होता है। व्यापार में होने वाले Transactions को जब Equation के format में लिखा जाता है तो इसे "लेखांकन समीकरण (Accounting Equations) कहते है।
जैसे -
ऊपर दिए गए Equation (समीकरण) को समझने से पहले आपको यह जानना होगा की Liabilities (दायित्व) तथा Assets (संपत्ति) के under में कौन - कौन सी मदे (Items) आते है।
1) मोहन ने 50000 रूपये से व्यापार शुरू किया।
इसमें मोहन जो रुपया दे रहा है वह Capital बन जाएगा तथा व्यापार में 50000 रूपये Cash आया तो वह Assets बन जाएगा। Accounting की Business Entity Concept (स्वतंत्र अस्तित्व अवधारणा) के अनुसार व्यापार (Business) और व्यापारी (Owner) का अस्तित्व अलग - अलग होता है। Owner को Business का Creditor (लेनदार) माना जाता है। इसी अवधारणा (Concept) के अनुसार Capital व्यापार के लिए Liability (दायित्व) होती है।
2) उसने बैंक में 20000 रूपये जमा करवाए।
अब मोहन अपने पास रखा Cash अपने Bank में 20000 Deposit करता है तो Cash 50000 से घटकर 50000-20000=30000 बचेगा तथा Bank में 20000 रूपये जमा होंगे।
3) 10000 रूपये का नगद माल ख़रीदा।
मोहन ने 10000 रूपये Cash देकर माल ख़रीदा। माल को हम Stock मानते है, इसलिए Cash 20000 से घटकर 20000-10000=10000 रूपये बचेगा तथा हमारे पास 10000 रूपये का Stock रहेगा।
4) 5000 रूपये का माल राहुल ट्रेडर्स से खरीदा।
मोहन ने राहुल ट्रेडर्स से 5000 रूपये का माल ख़रीदा है। यहाँ पर इस बात पर ध्यान देना है की सौदे में "नगद" शब्द है या नहीं। यदि सौदे में नगद शब्द लिखा हुआ है तो हम उसे नगद सौदा (Cash Transaction) मानेंगे।
इस Transaction में "नगद" नहीं लिखा है मतलब यह ऊधार सौदा (Credit Transaction) है। जब हम किसी से ऊधार माल खरीदते है तो वह व्यक्ति हमारे व्यापार के लिए लेनदार (Creditor) बन जाता है।
अब मोहन ने राहुल ट्रेडर्स से 5000 रूपये का ऊधार माल ख़रीदा है तो राहुल ट्रेडर्स व्यापार का लेनदार (Creditor) बन जायेगा तथा उसका Stock 5000 रूपये से बढ़कर 10000+5000=15000 हो जायेगा।